• 16 OCTOBER – BABA KI MURLI KAI AAJ KAI MAHAVAKAYA

    16/10/17 प्रात:मुरली ओम् शान्ति “बापदादा” मधुबन

    ”मीठे बच्चे :- माया के विघ्न ज्ञान में नहीं, योग में पड़ते हैं, योग के बिना पढ़ाई की धारणा नहीं हो सकती, इसलिए जितना हो सके योग में रहने का पुरूषार्थ करो”

    प्रश्न: बाबा गिरे हुए बच्चों को किस विधि से ऊपर उठा लेते हैं?

    उत्तर: बाबा उन बच्चों की क्लास में महिमा करता, पुचकार ”प्यार” देता, हिम्मत दिलाता। बच्चे तुम तो बहुत अच्छे हो। तुम तो ज्ञान गंगा बन सकते हो। तुम विश्व का मालिक बनने वाले हो। मैं तो तुम्हें मुफ्त बादशाही देने आया हूँ। तुम फिर क्यों नहीं लेते? राहू का ग्रहण लगा है क्या? मुरली पढ़ो, योग में रहो तो ग्रहण उतर जायेगा। ऐसे हिम्मत दिलाने से बच्चे फिर से याद और पढ़ाई में लग जाते हैं। इस विधि से कई बच्चों की ग्रहचारी उतर जाती है।

    गीत:- दूर देश का रहने वाला….

    धारणा के लिए मुख्य सार:

    1) देह के सम्बन्धों को भूल अपने को अकेली आत्मा समझना है। बाप पर पूरा-पूरा बलि चढ़ना है, इसमें डरना नहीं है।

    2) धर्मराज़ की सजाओं से बचने के लिए आज का काम कल पर नहीं छोड़ना है। पढ़ाई के आधार से बाप की ब्लैसिंग लेते रहना है।

    वरदान: कर्म और योग के बैलेन्स द्वारा निर्णय शक्ति को बढ़ाने वाले सदा निश्चिंत भव

    सदा निश्चिंत वही रह सकते हैं जिनकी बुद्धि समय पर यथार्थ जजमेंट देती है क्योंकि दिन-प्रतिदिन समस्यायें, सरकमस्टांश और टाइट होने हैं, ऐसे समय पर कर्म और योग का बैलेन्स होगा तो निर्णय शक्ति द्वारा सहज पार कर लेंगे। बैलेन्स के कारण बापदादा की जो ब्लैसिंग प्राप्त होगी उससे कभी संकल्प में भी आश्चर्यजनक प्रश्न उत्पन्न नहीं होंगे। ऐसा क्यों हुआ, यह क्या हुआ..यह क्वेश्चन नहीं उठेगा। सदैव यह निश्चय पक्का होगा कि जो हो रहा है उसमें कल्याण छिपा हुआ है।

    स्लोगन: एक बाबा से सर्व संबंधों का रस लो और किसी की भी याद न आये।

    OM SHANTI
    PARWANO KA GROUP
    (BRAHMA KUMARIS)

    Essence: Sweet children, Maya creates obstacles in yoga, not in knowledge. Unless there is yoga, the study cannot be imbibed. This is why you should make effort to stay in as much yoga as possible.

    Question: Through which method does Baba uplift the children who have fallen?
    Answer: Baba praises those children in class and gives them a lot of love and courage: Child, you are very good. You can become a Ganges of knowledge. You are going to become a master of the world. I have come to give you the sovereignty free of charge. Why are you not claiming it? Are there the omens of Rahu over you? Study the murli and stay in yoga and the eclipse will be removed. When the children are encouraged in this way, they become engaged in having remembrance and they study once again. The omens of many children are removed in this way.

    Song: The Resident of the faraway land has come to the foreign land.
    Essence for dharna: 
    1. Forget the relations of the body and consider yourself to be a soul alone. Surrender yourself to the Father completely. You mustn’t be afraid.
    2. In order to become free from the punishment of Dharamraj, don’t leave till tomorrow what you can do today. Continue to take blessings from the Father on the basis of how you study.

    Blessing: May you be constantly carefree and increase your decision power with balance in karma and yoga.

    Only those whose intellects always give an accurate judgment can remain constantly carefree because, day by day, the problems and circumstances are going to get tighter. At such a time, if you have a balance of karma and yoga, you will easily overcome any situation with your decision making power. The blessings that you receive due to maintaining a balance will not allow you to have any surprising questions arising even in your thoughts. “Why did this happen? What happened?” Such questions will not arise. There will constantly be the firm faith that benefit is hidden in whatever is happening.

    Slogan: Take the sweetness of all the relationships you have with Baba and do not remember anyone else.

    OM SHANTI
    PARWANO KA GROUP
    (BRAHMA KUMARIS)

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