31 MAR. – BABA KI MURLI KAI AAJ KAI MAHAVAKAYA

31-03-16 प्रात:मुरली ओम् शान्ति “बापदादा” मधुबन

मुरली सार:- “मीठे बच्चे – तुम्हें श्रीमत पर तत्वों सहित सारी दुनिया को पावन बनाने की सेवा करनी है, सबको सुख और शान्ति का रास्ता बताना है”

प्रश्न:- तुम बच्चे अपनी देह को भी भूलने का पुरूषार्थ करते हो इसलिए तुम्हें किस चीज की दरकार नहीं हैं?
उत्तर:- चित्रों की। जब यह चित्र (देह) ही भूलना है तो उन चित्रों की क्या दरकार है। स्वयं को आत्मा समझ विदेही बाप को ओर स्वीट होम को याद करो। यह चित्र तो हैं छोटे बच्चों के लिए अर्थात् नयों के लिए। तुम्हें तो याद में रहना है और सबको याद कराना है। धंधा आदि करते सतोप्रधान बनने के लिए याद में ही रहने का अभ्यास करो।

गीत:- तकदीर जगाकर आई हूँ……..
धारणा के लिए मुख्य सार:-
1) बाप समान महिमा योग्य बनने के लिए फालो फादर करना है।
2) यह अन्तिम जन्म है, अब घर जाना है इसलिए खुशी में अन्दर ही अन्दर नगाड़े बजते रहें। कर्मभोग को कर्मयोग से अर्थात् बाप की याद से खुशी-खुशी चुक्तू करना है।

वरदान:- कनेक्शन और रिलेशन द्वारा मन्सा शक्ति के प्रत्यक्ष प्रमाण देखने वाले सूक्ष्म सेवाधारी भव

जैसे वाणी की शक्ति वा कर्म की शक्ति का प्रत्यक्ष प्रमाण दिखाई देता है वैसे सबसे पावरफुल साइलेन्स शक्ति का प्रत्यक्ष प्रमाण देखने के लिए बापदादा के साथ निरन्तर क्लीयर कनेक्शन और रिलेशन हो, इसे ही योगबल कहा जाता है। ऐसी योगबल वाली आत्मायें स्थूल में दूर रहने वाली आत्मा को सम्मुख का अनुभव करा सकती हैं। आत्माओं का आह्वान कर उन्हें परिवर्तन कर सकती हैं। यही सूक्ष्म सेवा है, इसके लिए एकाग्रता की शक्ति को बढ़ाओ।

स्लोगन:- अपने सर्व खजानों को सफल करने वाले ही महादानी आत्मा हैं।

OM SHANTI
PARWANO KA GROUP
(BRAHMA KUMARIS)

Essence: Sweet children, you have to follow shrimat and serve the whole world and the elements to make them pure. Show everyone the way to happiness and peace.

Question: What is it that you children don’t need, since you are making effort to forget even your own bodies?
Answer: Pictures! Since you have to forget your image (body), why would you need those pictures? Consider yourself to be a soul and remember the bodiless Father and your sweet home. These pictures are for small children; that is, for new ones. You have to stay in remembrance and inspire others to have remembrance. Carry on with your business and practise staying in remembrance in order to become satopradhan.

Song: I have come, having awakened my fortune.
Essence for dharna:
1. In order to become as praiseworthy as the father, follow the father.
2. This is the last birth. You now have to return home. Therefore, drums of happiness should beat within you. Settle all the suffering of karma in happiness with karma yoga, that is, with remembrance of the Father.

Blessing: May you be a subtle server who sees the practical proof of the power of the mind through your connection and relationship.

Just as you can see the practical proof of the power of words and deeds, similarly, in order to see the practical proof of the most powerful power, the power of silence, let their constantly be a clear connection and relationship with BapDada. This is called the power of yoga. Souls who have such power of yoga can enable souls who are physically far away to experience being personally present. They can invoke souls and transform them. This is subtle service and to achieve this, you must increase the power of concentration.

Slogan: Only those who use all their treasures in a worthwhile way are great donor souls.

OM SHANTI
PARWANO KA GROUP
(BRAHMA KUMARIS)

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